वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संसद से पारित इस विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इससे पहले कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद भी इस विधेयक की संवैधानिकता पर सवाल उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक संविधान के मूल प्रावधानों के विरुद्ध है। अब संसद की बहस सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गई है और इसके विरोध में कई संगठनों द्वारा सड़कों पर प्रदर्शन भी हो रहा है।
मोहम्मद जावेद की याचिका और आरोप
बिहार के किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वायत्तता को कमजोर करता है। उनकी याचिका में यह भी दावा किया गया है कि विधेयक में वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन पर अनुचित और एकतरफा पाबंदियाँ लगाई गई हैं, जो अन्य धार्मिक समुदायों पर लागू नहीं होतीं। इसके चलते मुस्लिम समुदाय के साथ भेदभाव होता है।
AIMPLB और RJD की प्रतिक्रिया
AIMIM और कांग्रेस के साथ-साथ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) ने भी इस विधेयक को अदालत में चुनौती देने का एलान किया है। बोर्ड के सदस्य मोहम्मद अदीब ने बुधवार को कहा कि सरकार को यह विधेयक वापस लेना ही होगा, नहीं तो आंदोलन और तेज़ होगा। उन्होंने देशव्यापी विरोध की बात भी कही। वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने भी संकेत दिया है कि वह इस मामले में अदालत का दरवाज़ा खटखटा सकती है। पार्टी नेताओं ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में यह बात कही।