मोहाली: मटौर गांव के रिहायशी इलाके में चल रही एक अवैध खाद्य सामग्री बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा हुआ है, जहां गंदगी और अस्वच्छ माहौल में मोमोज, नूडल्स समेत अन्य खाद्य पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। इस फैक्ट्री के फ्रिज से एक संदिग्ध जानवर का सिर मिला है, जो देखने में पग नस्ल के कुत्ते जैसा लग रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर सभी खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए और जांच के लिए भेज दिए। संदिग्ध जानवर का सिर भी कब्जे में ले लिया गया है। फैक्ट्री मालिक और अन्य कर्मचारी फिलहाल फरार हैं। जिला प्रशासन इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने की योजना बना रहा है।
मोहाली के सहायक खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अमृत वारिंग ने बताया कि फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए पुलिस को सूचित कर दिया गया है। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गंदगी में बन रहे थे मोमोज और नूडल्स,
यह मामला तब सामने आया जब गांववालों ने खुद फैक्ट्री का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने छापेमारी की और मौके पर रखे गए खाद्य पदार्थों को नष्ट कर दिया। वीडियो में साफ दिख रहा था कि गंदी पत्तागोभी का इस्तेमाल मोमोज के लिए किया जा रहा था और बाथरूम में खाद्य सामग्री रखी गई थी।
गांववालों के मुताबिक, इस फैक्ट्री में इस्तेमाल किया जा रहा तेल भी बेहद खराब गुणवत्ता का था। हालांकि, स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को सिर्फ दिखावा बताया। इसके बाद सोमवार को टीमों ने दोबारा फैक्ट्री पर छापा मारा। इसी दौरान जब लोगों ने फ्रिज खोला तो एक संदिग्ध जानवर का सिर बरामद हुआ। अब जिला प्रशासन इस मामले में ठोस कार्रवाई की योजना बना रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह अवैध फैक्ट्री पिछले दो साल से मोहाली में संचालित हो रही थी। यहां नेपाल मूल के 8-10 कर्मचारी काम कर रहे थे। कई बार शिकायतें भी की गई थीं, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मटौर में बनी खाद्य सामग्री चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में सप्लाई की जा रही थी। गांव के किसान नेता परम बैदवान ने बताया कि इस फैक्ट्री में हर दिन बड़ी मात्रा में मोमोज और नूडल्स बनाए जाते थे और शहर के कई ठेलों पर बेचे जाते थे। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग की।