न्यूज़ डेस्क: सर्दियों के मौसम में तिल का सेवन शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता। आकार में भले ही ये छोटे दिखते हों, लेकिन तिल पोषण का एक बड़ा स्रोत हैं। प्राचीन समय से ही भारत में तिल को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता रहा है। इनमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम से लेकर हेल्दी फैट तक प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को अनेक तरह से फायदा पहुंचाते हैं।
हड्डियों को मजबूत बनाते हैं
तिल में दूध की तुलना में अधिक कैल्शियम मौजूद होता है। यही कारण है कि ये हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
दिल को स्वस्थ रखते हैं
तिल में पाए जाने वाले मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (MUFA) खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और दिल की बीमारियों के जोखिम को घटाते हैं।
पाचन क्रिया को सुधारते हैं
इन बीजों में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है, जो कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है और पाचन तंत्र को सक्रिय व स्वस्थ रखता है।
तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं
सर्दियां अक्सर सुस्ती बढ़ा देती हैं। ऐसे में तिल ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत साबित होते हैं और शरीर को तुरंत ताजगी प्रदान करते हैं।
एनीमिया में लाभकारी
आयरन से भरपूर होने के कारण तिल एनीमिया की समस्या को दूर करने में मदद करते हैं।
चमड़ी को बनाते हैं ग्लोइंग
तिल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। इससे त्वचा अधिक चमकदार और युवा दिखती है।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करते हैं
मैग्नीशियम की उच्च मात्रा के कारण तिल हाई ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में सहायक होते हैं। इसके अलावा, तिल में मौजूद कुछ प्राकृतिक तत्व तनाव को कम करने और मूड को बेहतर बनाने में भी मदद करते हैं।

