भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी की बहन सबीना और उनके परिवार के सदस्यों पर मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) के तहत फर्जी मजदूर बनकर लाखों रुपये प्राप्त करने का आरोप है। जांच में पाया गया कि सबीना, उनके पति गजनबी, और परिवार के अन्य सदस्यों ने बिना काम किए मनरेगा के तहत मजदूरी के रूप में लगभग 4.56 लाख रुपये प्राप्त किए।
सबीना की सास, गुले आयशा, जो अमरोहा जिले के पलौला गांव की ग्राम प्रधान हैं, ने अपने परिवार के सदस्यों को मनरेगा मजदूर के रूप में पंजीकृत कराया और उनके बैंक खातों में मजदूरी के पैसे ट्रांसफर किए। इस मामले के सामने आने के बाद, जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए। जांच में तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव, सेवानिवृत्त रोजगार सेवक, मनरेगा एपीओ, मनरेगा कंप्यूटर ऑपरेटर, ग्राम प्रधान और उनके कुछ करीबी लोगों को दोषी पाया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में दोषी पाए गए सभी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उनसे प्राप्त धनराशि की वसूली की जाएगी। साथ ही, इस घोटाले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
यह मामला सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का एक उदाहरण है, जहां प्रभावशाली व्यक्तियों ने अपने पद का दुरुपयोग करके गरीबों के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ उठाया।