अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की मौजूदगी लगातार बढ़ रही है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में 130 से अधिक भारतीय-अमेरिकी उच्च पदों पर थे। अब, डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में भी भारतीय समुदाय के कुछ प्रमुख चेहरे व्हाइट हाउस में अपनी जगह बना रहे हैं।
हालांकि, इस बार भारतीय मूल के लोगों की कम संख्या को लेकर कुछ असंतोष जताया गया, लेकिन इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली भारतीय-अमेरिकी नेताओं को अहम पदों पर नियुक्त किया गया है। ये अधिकारी आने वाले वर्षों में अमेरिकी प्रशासन और नीति निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। आइए जानते हैं उन प्रमुख भारतीय-अमेरिकी हस्तियों के बारे में जो ट्रंप प्रशासन का हिस्सा बने हैं।
व्हाइट हाउस में भारतीय-अमेरिकी चेहरे
रिकी गिल को नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (NSC) में दक्षिण और मध्य एशिया मामलों का वरिष्ठ निदेशक बनाया गया है। इससे पहले, वे ट्रंप प्रशासन में यूरोप और रूस मामलों के निदेशक रह चुके हैं। 2017 से 2020 के बीच उन्होंने स्टेट डिपार्टमेंट में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी सेवाएं दी थीं।
सौरभ शर्मा को व्हाइट हाउस के प्रेसिडेंशियल पर्सनल ऑफिस में शामिल किया गया है, जो प्रशासनिक नियुक्तियों की देखरेख करता है। बेंगलुरु में जन्मे शर्मा वाशिंगटन डीसी स्थित एक कंजर्वेटिव ग्रुप “अमेरिकन मोमेंट” के सह-संस्थापक और अध्यक्ष हैं। 2019 में उन्होंने टेक्सास यूनिवर्सिटी से बायोकैमिस्ट्री में स्नातक किया और युवा कंजर्वेटिव्स ऑफ टेक्सास के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने।
कुश देसाई को व्हाइट हाउस कम्युनिकेशन टीम में डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। पत्रकारिता पृष्ठभूमि से आने वाले देसाई पेंसिल्वेनिया के संचार निदेशक के रूप में काम कर चुके हैं। वे ट्रंप के चुनावी प्रचार अभियान के दौरान रिपब्लिकन नेशनल कमेटी में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं।
ट्रंप प्रशासन में शामिल दो बड़े भारतीय नाम
डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय मूल के जय भट्टाचार्य को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) का नया निदेशक नियुक्त किया है। भट्टाचार्य कोरोना महामारी से निपटने को लेकर बाइडेन प्रशासन की नीतियों के मुखर आलोचक रहे हैं और उन्होंने लॉकडाउन के फैसले की कड़ी आलोचना की थी। NIH अमेरिका में वही भूमिका निभाता है, जो भारत में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) निभाता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय मूल के कश्यप उर्फ़ काश पटेल को फ़ेडरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (FBI) के डायरेक्टर पद पर नियुक्त किया है। 44 साल के काश पटेल ट्रंप के सबसे भरोसेमंद लोगों में गिने जाते हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वे अमेरिका के कार्यवाहक रक्षा मंत्री क्रिस्टोफर मिलर के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में भी काम कर चुके हैं।