अमेरिकी सरकार वीजा प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठा रही है। हाल ही में भारत में वीजा अपॉइंटमेंट बुकिंग में हो रही अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए 2000 से अधिक अपॉइंटमेंट रद्द कर दिए गए हैं। अमेरिकी दूतावास के अनुसार, ये अपॉइंटमेंट स्वचालित बॉट्स के जरिए बुक किए गए थे, जिससे वास्तविक आवेदकों को स्लॉट नहीं मिल पा रहे थे। दूतावास ने इसे अपनी नीतियों का उल्लंघन मानते हुए दोषी एजेंटों और उनके खातों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है।
एजेंटों की मिलीभगत से हो रही थी धांधली
खबरों के अनुसार, कई एजेंट फर्जी तरीके से वीजा अपॉइंटमेंट बुक कर रहे थे, जिससे आम नागरिकों को समय पर स्लॉट नहीं मिल रहे थे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आवेदकों को मजबूरी में 30,000 से 35,000 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे थे। कई लोगों का कहना था कि खुद से अपॉइंटमेंट बुक करने में महीनों लग रहे थे, जबकि एजेंटों के जरिए कुछ ही दिनों में स्लॉट मिल रहा था।
जल्द अपॉइंटमेंट पाने के लिए मोटी रकम वसूली जा रही थी
वर्तमान में अमेरिकी बिजनेस और टूरिस्ट वीजा (B1/B2) के लिए अपॉइंटमेंट पाने में छह महीने या उससे अधिक का समय लग रहा है। लेकिन एजेंटों को मोटी रकम देने पर महज एक महीने के भीतर अपॉइंटमेंट मिल जाता था। 2023 में जब वीजा अपॉइंटमेंट की प्रतीक्षा अवधि 999 दिनों तक पहुंच गई थी, तब अमेरिका को भारतीय आवेदकों के लिए फ्रैंकफर्ट और बैंकॉक जैसे अन्य देशों में अपॉइंटमेंट उपलब्ध कराने पड़े थे।
अब अमेरिकी दूतावास की इस सख्त कार्रवाई के बाद वीजा प्रक्रिया में पारदर्शिता आने और आम नागरिकों को सीधे अपॉइंटमेंट मिलने की उम्मीद की जा रही है।