ढाका: बांग्लादेश की एक अदालत ने गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार के तीन अलग-अलग मामलों में कुल 21 साल कैद की सज़ा सुनाई है। चूंकि हसीना इस समय भारत में मौजूद हैं, इसलिए अदालत ने यह फैसला उनकी गैर-हाज़िरी में सुनाया। अदालत ने तीनों मामलों में 7-7 साल की सज़ा दी, जो मिलाकर कुल सज़ा 21 साल बनती है।
ये तीनों मामले ढाका के पूरबाचल इलाके स्थित राजुक न्यू टाउन प्रोजेक्ट में जमीन (प्लॉट) आवंटन में हुई कथित अनियमितताओं से जुड़े थे। सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, आरोप था कि हसीना को बिना किसी आवेदन के प्लॉट आवंटित किया गया और यह आवंटन कानूनी प्रक्रिया से बाहर था।
गौरतलब है कि बांग्लादेश की एंटी करप्शन कमिशन (ACC) ने इसी साल जनवरी में शेख हसीना और उनके परिवार के खिलाफ छह अलग-अलग मामले दर्ज किए थे। उन पर सरकारी प्लॉटों को अवैध रूप से आवंटित कराने के गंभीर आरोप लगाए गए थे। आज जिन तीन मामलों में फैसला सुनाया गया है, उनके मुख्य आदेश 1 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे।
इससे पहले, इसी महीने की शुरुआत में शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों के एक मामले में मौत की सज़ा सुनाई गई थी। यह मामला पिछले साल हुए उस विद्रोह से जुड़ा था जिसमें कड़ी कार्रवाई करने के आरोप में हसीना की 15 साल पुरानी सत्ता का अंत हो गया था। हसीना और उनकी पार्टी अवामी लीग का कहना है कि उनके खिलाफ दर्ज किए जा रहे मामले राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हैं।

