नासा (NASA) की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और उनके सहयोगी बुच विल्मोर 9 महीने के अंतरिक्ष मिशन के बाद 19 मार्च को पृथ्वी पर लौटने की उम्मीद है। उनका स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान मंगलवार तड़के ही अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से अनडॉक हो गया था। भारतीय समयानुसार, उनका स्प्लैशडाउन सुबह 3:27 बजे फ्लोरिडा तट के पास समुद्र में होने की संभावना है। इस मिशन में उनके साथ नासा के ऐनी मैक्लेन और निकोल एयर्स, जापान के ताकुया ओनिशी और रूस के किरिल पेस्कोव भी शामिल थे, जो नए दल के रूप में अंतरिक्ष में भेजे गए हैं।
सबसे खतरनाक चरण: पृथ्वी के वायुमंडल में वापसी
ड्रैगन अंतरिक्ष यान का सबसे जोखिमभरा हिस्सा पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करना होता है। नासा के अनुसार, जब कोई अंतरिक्ष यान पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करता है, तो उसे 7,000 डिग्री फ़ारेनहाइट तक के अत्यधिक तापमान का सामना करना पड़ता है। यह यान ध्वनि की गति से 22 गुना अधिक तेज़ी से प्रवेश करेगा, जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को भारी दबाव और झटकों से गुजरना पड़ेगा।
गति को नियंत्रित करने के लिए, क्रू ड्रैगन यान लैंडिंग से पहले दो पैराशूट तैनात करेगा। अगर सब कुछ योजना के अनुसार चला, तो यह कैप्सूल 17,000 मील प्रति घंटे (27,359 किमी/घंटा) की कक्षीय गति से घटकर 20 मील प्रति घंटे (32 किमी/घंटा) पर आ जाएगा और फ्लोरिडा तट के पास समुद्र में उतर जाएगा।
लैंडिंग के बाद स्वास्थ्य पर प्रभाव
हालांकि लैंडिंग के बाद भी सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्ष यात्री कई शारीरिक चुनौतियों का सामना करेंगे। लंबे समय तक गुरुत्वाकर्षण रहित माहौल में रहने के कारण, उनकी हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। कुछ अंतरिक्ष यात्रियों को आंखों की रोशनी में कमी या धुंधलापन जैसी समस्याएं भी होती हैं।
स्पेस मेडिसिन विशेषज्ञों की राय
बायलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन के स्पेस मेडिसिन सेंटर में सहायक प्रोफेसर रिहाना बोखारी के अनुसार, यह मिशन असामान्य नहीं है, क्योंकि ISS पर आमतौर पर अंतरिक्ष यात्री 6 महीने तक रहते हैं, और कुछ को 1 साल तक भी भेजा जाता है। वैज्ञानिकों को भरोसा है कि स्पेस में रहते हुए किए गए व्यायाम और सावधानियों के चलते अंतरिक्ष यात्री की सेहत ठीक रहेगी।
अंतरिक्ष यात्री आईएसएस (ISS) पर हर दिन 2 घंटे तक विशेष एक्सरसाइज़ करते हैं। इसके लिए वे तीन अलग-अलग प्रकार की व्यायाम मशीनों का उपयोग करते हैं, जिससे हड्डियों और मांसपेशियों पर गुरुत्वाकर्षण की कमी का असर कम किया जा सके।
अन्य स्वास्थ्य जोखिम
- सेंट्रल फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी में एयरोस्पेस मेडिसिन के वाइस प्रेसिडेंट इमैनुएल उर्कीटा ने बताया कि हर अंतरिक्ष यात्री को कुछ न कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का सामना
- करना पड़ता है। इनमें शामिल हैं:
- सुनने की समस्या
- गुर्दे की पथरी का खतरा (कैल्शियम की अधिकता के कारण)
- हड्डियों की घनत्व में कमी
हालांकि, वैज्ञानिकों और चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, सावधानीपूर्वक मॉनिटरिंग और उपचार से अंतरिक्ष यात्रियों को सामान्य स्थिति में लाने में मदद की जा सकती है।