केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 2024 में सबूतों की कमी के चलते कम से कम 174 मामलों में क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल की, जो किसी भी वर्ष में अब तक की सबसे अधिक संख्या है। यह जानकारी CBI सूत्रों के हवाले से सामने आई है। हाल ही में एजेंसी ने अपनी सभी यूनिट्स को लंबित मामलों को तेजी से निपटाने और फाइलों के त्वरित निपटारे के निर्देश दिए थे।
2024 से पहले CBI द्वारा दाखिल क्लोज़र रिपोर्ट की संख्या 30 से 60 के बीच रही थी, जिसमें 2023 में 62 और 2022 में 32 मामले शामिल थे।
2024 में बंद किए गए कुछ प्रमुख मामले
प्रफुल्ल पटेल (2017 मामला) – राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ राष्ट्रीय विमानन निगम लिमिटेड (NACIL) द्वारा विमान पट्टे पर देने में अनियमितताओं के आरोपों की जांच की जा रही थी। इस मामले में अब क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल हो चुकी है।
जयंत नटराजन (2017 मामला) – पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयंत नटराजन के खिलाफ झारखंड में इस्पात संयंत्र के लिए वन भूमि डायवर्जन से जुड़े एक मामले की जांच चल रही थी, जिसे अब बंद कर दिया गया है।
NDTV के प्रणय और राधिका रॉय (2017 मामला) – NDTV के संस्थापक प्रणय और राधिका रॉय पर ICICI बैंक को 48 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप था। अब यह मामला भी बंद किया जा चुका है।
IPL 2019 सट्टेबाजी (2022 मामला) – इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2019 में सट्टेबाजी से जुड़े एक मामले में भी अब क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है।
CBI की जांच प्रक्रिया में तेजी
सूत्रों के अनुसार, CBI निदेशक प्रवीण सूद ने पिछले साल सभी यूनिट्स को लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने और चार्जशीट या क्लोज़र रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे। इसके परिणामस्वरूप 2024 में CBI ने रिकॉर्ड 1,467 मामलों का निपटारा किया, जिनमें 1,293 चार्जशीट और 174 क्लोज़र रिपोर्ट शामिल हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह पहली बार है जब एजेंसी ने 1,000 से अधिक मामलों की जांच पूरी की है। अब भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराधों और गंभीर अपराधों के मामलों में CBI की केस निपटाने की दर नए मामलों के पंजीकरण से अधिक हो गई है। CBI ने 2023 में 588 और 2022 में 585 मामलों की जांच पूरी की थी।