नई दिल्ली: गोवा के अर्पोरा गांव में शनिवार आधी रात करीब 12 बजे एक नाइटक्लब में लगी भयावह आग में 25 लोगों की मौत के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। अधिकारियों के मुताबिक यह आग नॉर्थ गोवा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में लगी थी। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। अंजुना पुलिस ने लापरवाही के आरोप में क्लब प्रबंधन सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर छह दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्लब में आग सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम नहीं थे। उन्होंने कहा, “सरकार उन सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी, चाहे वे क्लब संचालक हों या वे अधिकारी जिन्होंने सुरक्षा नियमों की अनदेखी कर अनुमति दी।”
घटना के बाद गोवा स्टेट डिज़ास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SDMA) ने डिज़ास्टर मैनेजमेंट एक्ट, 2005 की धाराओं 22(2)(h), 22(2)(i) और 24 के तहत राज्यभर के सभी नाइटक्लब्स, रेस्टोरेंट्स, बार, इवेंट वेन्यू और समान प्रतिष्ठानों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। SDMA ने स्पष्ट किया है कि अब सभी प्रतिष्ठानों को आग सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, आपातकालीन तैयारी और संरचनात्मक सुरक्षा मानकों का अनिवार्य तौर पर पालन करना होगा।
SDMA द्वारा जारी किए गए प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:
- सभी प्रतिष्ठानों के पास वैध फायर NOC होना अनिवार्य होगा।
- फायर सर्विस विभाग द्वारा निर्धारित सभी सुरक्षा शर्तों का पालन करना होगा।
- निर्धारित अधिकतम क्षमता सीमा का सख्ती से पालन और क्लब परिसर में इसे स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना आवश्यक होगा।
- केवल प्रमाणित इलेक्ट्रिक वायरिंग और सुरक्षा उपकरणों का उपयोग; अस्थायी या ओवरलोडेड कनेक्शन तुरंत हटाने होंगे।
- कर्मचारियों के लिए नियमित फायर सेफ्टी ट्रेनिंग और हर शिफ्ट में एक ‘फायर सेफ्टी ऑफिसर’ की नियुक्ति अनिवार्य होगी।
- समय-समय पर आपातकालीन निकासी ड्रिल करवाना और उसका रिकॉर्ड रखना भी जरूरी होगा।
सरकार के इन सख्त निर्देशों के बाद उम्मीद की जा रही है कि इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सकेगा और नाइटलाइफ़ प्रतिष्ठानों में सुरक्षा स्तर को बेहतर किया जाएगा।

