म्यांमार की राजधानी नेपीडॉ में बुधवार को एक होटल की ढही हुई इमारत के मलबे से 26 वर्षीय होटल कर्मचारी को सुरक्षित बचा लिया गया। राज्य प्रशासन परिषद की सूचना टीम के अनुसार, यह बचाव विनाशकारी 7.7 तीव्रता के भूकंप के पांच दिन बाद किया गया।
सूचना टीम ने बताया कि मलबे में अब भी दो लोग फंसे हुए थे। म्यांमार अग्निशमन सेवा विभाग और तुर्की की बचाव टीमों ने अभियान मंगलवार दोपहर 3:00 बजे शुरू किया और बुधवार तड़के 00:30 बजे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, शेष फंसे हुए लोगों को खोजने और बचाने के प्रयास जारी हैं।
भूकंप से भारी तबाही, हजारों की मौत
इस भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,719 हो गई है, जबकि 4,521 लोग घायल हुए हैं और 441 अब भी लापता हैं। प्रधानमंत्री मिन आंग ह्लाइंग ने यह जानकारी दी। इस बीच, म्यांमार के सैन्य शासन प्रमुख आंग ह्लाइंग ने जातीय सशस्त्र संगठनों (ईएओ) के युद्धविराम प्रस्ताव को ठुकराते हुए सैन्य अभियान जारी रखने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कुछ जातीय सशस्त्र समूह प्रत्यक्ष रूप से लड़ाई में शामिल नहीं हैं, लेकिन हमलों की तैयारी और प्रशिक्षण में जुटे हैं। इसे आक्रामकता का संकेत मानते हुए सेना आवश्यक रक्षा अभियान जारी रखेगी।
“म्यांमार नाउ” की एक रिपोर्ट के अनुसार, जब वैश्विक ध्यान भूकंप पीड़ितों की मदद पर केंद्रित है, तब भी म्यांमार की सेना देशभर में प्रतिरोधी समूहों के खिलाफ हमले जारी रखे हुए है। इस स्थिति पर चिंता जताते हुए अमेरिका स्थित एडवोकेसी ग्रुप ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि म्यांमार की सैन्य सरकार को भूकंप पीड़ितों तक तत्काल और निर्बाध मानवीय सहायता पहुंचाने की अनुमति देनी चाहिए।
वकालत समूह के अनुसार, 28 मार्च को आए भूकंप के बाद सेना ने हवाई हमले किए और बुरी तरह प्रभावित क्षेत्रों में इंटरनेट तक पहुंच सीमित कर दी, जिससे राहत कार्य और भी कठिन हो गए हैं।