उत्तराखंड के प्रसिद्ध गुरुद्वारा नानकमत्ता साहिब में 28 मार्च 2024 को डेरा कार सेवा के प्रमुख बाबा तरसेम सिंह की हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में शामिल दूसरा मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह घटना के बाद से ही फरार था।
इस मामले में ऊधम सिंह नगर पुलिस ने सरबजीत सिंह पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। जांच के दौरान फरार आरोपी का पता तरनतारन, पंजाब में चला। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
जब पुलिस सरबजीत सिंह को गिरफ्तार कर वापस ला रही थी, तो काशीपुर पहुंचते ही पुलिस वाहन का टायर फट गया। इसी मौके का फायदा उठाकर सरबजीत ने सब-इंस्पेक्टर की पिस्तौल छीन ली और फरार हो गया।
मुठभेड़ में घायल हुआ सरबजीत
उत्तराखंड पुलिस के अनुसार, सरबजीत सिंह ने काशीपुर में पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें सरबजीत के पैरों में गोली लगी और वह घायल हो गया।
पुलिस ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। इस मुठभेड़ में एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ, जिसका इलाज चल रहा है।
मुख्य आरोपी का एनकाउंटर
इससे पहले, उत्तराखंड STF और पुलिस की संयुक्त टीम ने रुड़की में इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह उर्फ बिट्टू को एनकाउंटर में मार गिराया था। पुलिस ने इस एनकाउंटर का वीडियो भी जारी किया था।
कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?
पुलिस को सूचना मिली थी कि सरबजीत सिंह तरनतारन, पंजाब में छिपा हुआ है। इसके बाद उत्तराखंड STF और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। लेकिन जब उसे उत्तराखंड लाया जा रहा था, काशीपुर में पुलिस वाहन का एक्सीडेंट हो गया।
इस मौके का फायदा उठाकर सरबजीत ने पुलिसकर्मी की बंदूक छीन ली और भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गया।
सरबजीत सिंह की दोनों टांगों में गोली लगी है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है।
उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।